शेयर मार्केट से पैसे कैसे कमाए | स्टॉक मार्केट काम कैसे करता           है | tutorial इन हिंदी Cg khabri.com

 

शेयर मार्केट कुछ लोगों के लिए वर्क फॉर्म होम जॉब आसानी से पैसे कमाने का मौका है | तो किसी के लिए रेगुलर इनकम का स्रोत है ,कोई अपने पैसे गँवा देता है तो कोई अपने सपने पुरे कर लेता है |आज हम इस आर्टिक्ल में इन्ही सवालों का जवाब खोजने की कोशिश करेंगे तो चलिए सुरु करते हैं  |

शेयर मार्केट से पैसे कैसे कमाए
 शेयर मार्केट से पैसे कैसे कमाए

शेयर मार्केट की जरूरत क्यों होती है

आप कल्पना कीजिए कि आप एक बहुत मशहूर मिठाई की दुकान चलाते हैं

मिठाई की दुकान
                        मिठाई की दुकान  

aur iska vistar karna chaate hain और दूसरे शहर में अपनी एक नई शाखा (branch) खोलना चाहते हैं,

नई शाखा (branch) खोलना
नई शाखा (branch) खोलना

लेकिन आपके पास पर्याप्त पैसे नहीं हैं।  iske liye app dimag lagate hain aur  आप अपने दोस्तों से कहते हैं कि अगर वे दुकान खोलने में पैसे लगाएंगे, तो आप उन्हें हर साल होने वाले मुनाफे का एक हिस्सा देंगे। 

 

नई शाखा (branch) खोलना
         नई शाखा (branch) खोलना

thik isi trah शेयर मार्केट ठीक इसी तरह काम करता है, जहाँ बड़ी कंपनियाँ अपनी व्यावसायिक जरूरतों को पूरा करने के लिए आम जनता से पैसे जुटाती हैं। बदले में, निवेशकों को कंपनी के मुनाफे का जो हिस्सा मिलता है, उसे फाइनेंस की भाषा में ‘डिविडेंड’ (Dividend) कहा जाता है। 

शेयर मार्केट की शुरुआत:

शेयर मार्केट की शुरुआत की कहानी बहुत दिलचस्प है , 1602 में दुनिया का पहला स्टॉक एक्सचेंज की सुरुवात हुई थी  और दुनिया भर में कंपनी का विस्तार करना और व्यापर करना था | उन्हें बहुंत सरे पूंजी की आवश्कयता थी |

इस लिए इस कंपनी ने व्यापार के लिए पैसे जुटाने हेतु कंपनी ने आम जनता से निवेश आमंत्रित करने का एक अभिनव तरीका निकाला, जिससे दुनिया के पहले शेयर का जन्म हुआ।

शेयर मार्केट का अर्थ

 शेयर बाजार एक सामान्य बाजार की तरह ही है, जहाँ आप फलों या सब्जियों की तरह कंपनियों के ‘शेयर’ खरीदते और बेचते हैं।

शेयर क्या है? 

शेयर किसी कंपनी की ओनरशिप (मालिकान हक) की एक यूनिट होती है। उदाहरण के लिए, यदि किसी कंपनी की कुल वैल्यू 100 रुपये है और 10 लोगों ने 10-10 रुपये निवेश किए हैं, तो हर व्यक्ति 10% का मालिक है और उसके पास कंपनी का 10 रुपये का एक शेयर है।

कीमत कैसे घटती-बढ़ती है? 

शेयर बाजार में कीमत का निर्धारण मांग और आपूर्ति (Demand and Supply) के नियम पर होता है। अगर किसी शेयर की मांग बढ़ती है, तो उसकी कीमत भी बढ़ जाती है; वहीं मांग घटने पर कीमत गिर जाती है।

उदाहरण : वक्ता इसे गर्मी के मौसम के उदाहरण से समझाते हैं—जैसे गर्मी बढ़ने पर एसी (AC) और कूलर की मांग बढ़ती है, जिससे इन कंपनियों के शेयरों की मांग और कीमत में भी वृद्धि होती है। 

शेयर की कीमतों को प्रभावित करने वाले करक जो शेयर की कीमतों को प्रभावित करते हैं। इसे मुख्य रूप से चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है: 

  1. कंपनी से संबंधित कारक :

           किसी कंपनी से जुड़ी सकारात्मक (जैसे बड़ा ऑर्डर मिलना) या नकारात्मक (जैसे स्कैम होना) खबरें सीधे शेयर के दाम पर असर                     डालती हैं।

2.इंडस्ट्री से संबंधित कारक :  जिस इंडस्ट्री का हिस्सा कंपनी है, उससे जुड़ी खबरें भी अहम होती हैं। उदाहरण के लिए, स्मार्टफोन के              आने का कैमरा इंडस्ट्री पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा था।

3.मार्केट ट्रेंड :

अगर पूरे बाजार का रुझान सकारात्मक है, तो व्यक्तिगत शेयरों की कीमतें भी बढ़ने की संभावना रहती है।

4. आर्थिक कारक :

इसमें पूरी अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाले बड़े कारक शामिल हैं, जैसे युद्ध, राजनीति, महंगाई, जीडीपी और मौद्रिक नीति।

संक्षेप में, यदि कोई भी घटना कंपनी के मुनाफे (profit) को बढ़ाती है, तो शेयर की कीमत बढ़ती है, और यदि वह कंपनी को नुकसान पहुँचाती है, तो कीमत गिर जाती है। 

 

शेयर (Share) : 

किसी कंपनी की ओनरशिप (मालिकान हक) की एक यूनिट होती है। जब कोई कंपनी अपनी पूंजी जुटाने के लिए आम लोगों के पास जाती है, तो वह अपने ओनरशिप का एक हिस्सा उन्हें बेचती है, जिसे शेयर कहा जाता है। 

शेयर (Share) की अवधारणा को विस्तार से समझिये –

  • शेयर क्या है: शेयर किसी कंपनी की ओनरशिप (Ownership) की एक यूनिट होती है।
  • उदाहरण: इसे एक सरल उदाहरण से स्पष्ट किया गया है—यदि किसी कंपनी की कुल वैल्यू 100 रुपये है और 10 लोगों ने मिलकर उसमें 10-10 रुपये निवेश किए हैं, तो हर व्यक्ति उस कंपनी में 10% का मालिक बन जाता है।
उदाहरण
                  उदाहरण 
  • निष्कर्ष: इसका अर्थ यह हुआ कि हर व्यक्ति के पास कंपनी का 10 रुपये का एक शेयर मौजूद है।

 

शेयर बाजार में शेयर की कीमत कम या ज्यादा कैसे होती है (Price Fluctuation):

  • डिमांड और सप्लाई का नियम: शेयर बाजार भी एक सामान्य बाजार की तरह ही काम करता है, जहाँ मांग (Demand) और आपूर्ति (Supply) का नियम लागू होता है।
  • कीमत पर प्रभाव:
    • जब किसी शेयर की डिमांड बढ़ती है, तो उसकी कीमत भी बढ़ जाती है।
    • जब डिमांड कम होती है, तो शेयर की कीमत घट जाती है।

 

Price Fluctuation
 Price Fluctuation 

 

 

  • उदाहरण: इसे एसी (AC) और कूलर के उदाहरण से समझाया गया है—जैसे गर्मी बढ़ने पर इन चीजों की डिमांड बढ़ती है, वैसे ही इन उत्पादों को बनाने वाली कंपनियों के शेयरों की डिमांड और उनकी कीमत भी बढ़ जाती है।

शेयर की कीमतों में उतार-चढ़ाव (Price Fluctuation) को कुछ व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया है: 

  • शेयर बेचने का निर्णय   यदि आपने कोई शेयर 5 रुपये में खरीदा था और उसकी कीमत बढ़कर 10 रुपये हो गई है, तो लाभ कमाने के लिए आप उसे बेचना चाहते हैं। यदि बाजार में कोई खरीदार आपको उस शेयर के लिए 12 रुपये तक देने को तैयार है, तो मांग अधिक होने के कारण आप उसे 12 रुपये में बेच सकते हैं।
  • मांग कम होने का प्रभाव   यदि शेयर की कीमत 10 रुपये है लेकिन बाजार में खरीदार बहुत कम (कम मांग) हैं, तो ऐसी स्थिति में आपको अपना शेयर कम कीमत (जैसे 7 रुपये) पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।
  • निष्कर्ष: यह स्पष्ट किया गया है कि शेयर की कीमत पूरी तरह से डिमांड (Demand) और सप्लाई (Supply) के खेल पर निर्भर करती है।

 

Yashwant Sahani

By Yashwant Sahani

मैं CG Khabri Network में न्यूज एडिटर हूँ और ताज़ा खबरों, सामाजिक मुद्दों और क्षेत्रीय घटनाओं पर लेख लिखता हूँ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *