Table of Contents Toggle छत्तीसगढ़ कैबिनेट का बड़ा फैसला: जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए नया कानून लाने की तैयारीछत्तीसगढ़ में जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए नया कानून लाने की तैयारीछत्तीसगढ़ कैबिनेट का बड़ा फैसलाWar का असर: दुबई-अबूधाबी से भारत की फ्लाइट का किराया 75 हजार से 1.18 लाख तकमौजूदा कानून को किया जाएगा मजबूतआदिवासी क्षेत्रों में विशेष निगरानीविपक्ष ने भी दी प्रतिक्रियाजल्द हो सकती है आधिकारिक घोषणा छत्तीसगढ़ कैबिनेट का बड़ा फैसला: जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए नया कानून लाने की तैयारी छत्तीसगढ़ में जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए नया कानून लाने की तैयारी छत्तीसगढ़ में जबरन धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता विधेयक 2026 के मसौदे को मंजूरी दे दी गई है। सरकार का कहना है कि इस नए कानून का उद्देश्य बलपूर्वक, लालच देकर या गलत जानकारी देकर किसी व्यक्ति का धर्म परिवर्तन कराने की घटनाओं को रोकना है। प्रस्तावित कानून के तहत ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि इस विधेयक को विधानसभा के मौजूदा बजट सत्र में पेश किया जा सकता है। फिलहाल राज्य में धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 1968 लागू है, लेकिन सरकार का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए कानून को और मजबूत करने की जरूरत है। छत्तीसगढ़ कैबिनेट का बड़ा फैसला छत्तीसगढ़ कैबिनेट का बड़ा फैसला सरकार के इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में भी हलचल बढ़ गई है। विपक्ष ने इस प्रस्ताव पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार को सभी धर्मों के लोगों के अधिकारों का ध्यान रखना चाहिए। वहीं सरकार का कहना है कि यह कानून केवल अवैध और जबरन धर्मांतरण को रोकने के लिए बनाया जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले समय में राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। Read Now – War का असर: दुबई-अबूधाबी से भारत की फ्लाइट का किराया 75 हजार से 1.18 लाख तक मौजूदा कानून को किया जाएगा मजबूत छत्तीसगढ़ में फिलहाल धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 1968 लागू है। इस कानून के तहत जबरन धर्म परिवर्तन कराना अपराध माना जाता है। लेकिन सरकार का मानना है कि वर्तमान समय में इस कानून को और कड़ा बनाने की आवश्यकता है। इसलिए नए संशोधन के जरिए इसमें कड़े प्रावधान जोड़े जा सकते हैं। सरकारी सूत्रों के अनुसार, नए प्रस्तावित कानून में यह प्रावधान हो सकता है कि अगर कोई व्यक्ति बलपूर्वक, धोखे से या लालच देकर धर्म परिवर्तन करवाने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही दोषी पाए जाने पर जुर्माना और सजा दोनों का प्रावधान हो सकता है। छत्तीसगढ़ कैबिनेट का बड़ा फैसला आदिवासी क्षेत्रों में विशेष निगरानी राज्य के कई आदिवासी क्षेत्रों में धर्म परिवर्तन को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। सरकार का कहना है कि इन क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी भी तरह का अवैध धर्मांतरण न हो सके। इसके लिए प्रशासन और पुलिस को भी निर्देश दिए जा सकते हैं। सरकार का उद्देश्य यह है कि सभी नागरिकों को अपने धर्म का पालन करने की पूरी स्वतंत्रता मिले, लेकिन किसी भी प्रकार का दबाव, लालच या धोखा देकर धर्म परिवर्तन न कराया जाए। Read Heare – https://www.jagran.com विपक्ष ने भी दी प्रतिक्रिया सरकार के इस कदम पर विपक्षी दलों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। कुछ नेताओं का कहना है कि सरकार को कानून बनाते समय सभी समुदायों के अधिकारों का ध्यान रखना चाहिए। वहीं सरकार का कहना है कि यह कानून केवल अवैध और जबरन धर्मांतरण को रोकने के लिए है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में यह मुद्दा राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यदि सरकार इस कानून को विधानसभा में पेश करती है तो इस पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है। जल्द हो सकती है आधिकारिक घोषणा सूत्रों के मुताबिक, सरकार जल्द ही इस विधेयक का अंतिम मसौदा तैयार कर सकती है और इसे विधानसभा में पेश किया जा सकता है। यदि यह कानून पारित हो जाता है तो छत्तीसगढ़ में जबरन धर्मांतरण के मामलों पर और सख्त नियंत्रण लगाया जा सकेगा। राज्य सरकार का कहना है कि उनका उद्देश्य कानून व्यवस्था बनाए रखना और सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना है। Subscribe me- https://www.jagran.com Reade more news hear – भारत बना चैंपियन, BCCI देगा ₹131 करोड़ इनाम कॉमर्शियल गैस सिलेंडर सप्लाई बंद: 5 राज्यों में होटल Post navigation War का असर: दुबई-अबूधाबी से भारत की फ्लाइट का किराया 75 हजार से 1.18 लाख तक सोने की कीमत में फिर गिरावट: निवेशकों के लिए खरीदारी का अच्छा मौका